नए कल की शुरुआत आज से ही होगी

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“हम अभी क्या है? और आगे क्या हो सकते है, हम अभी क्या सोचते हैं, हम किस तरह की बातों का समर्थन करते हैं, ये सब कुछ हमारी socialization और past experiences पर निर्भर करता है” |

ये बात कक्षा दसवी की एक छात्रा ने कहा था, एक ट्रेनिंग सेशन के दौरान| मुझे व्यक्तिगत तौर पर इस बात को समझने में थोडा समय लगा था | मुझे लगता हैं, जो बच्चे ये बारीक़ बाते इतनी आसानी से कह सकते हैं, वो बच्चे उतनी ही ज्यादा सरलता से समाज को बदल सकते हैं |

पिछले दो महीने से मैं  “गो गर्ल्स गो “ प्रोजेक्ट के साथ काम कर रही हूं | फिलहाल ये प्रोजेक्ट  Delhi  के चार गवर्मेंट स्कूलों में चल रहा है| नीदरलैंड्स एम्बेसी और दिल्ली  गवर्मेंट की सहभागिता के साथ ये प्रोजेक्ट मूल तौर पर PRIA और MFF  चला रही है।

इस प्रोजेक्ट का मकसद लड़कियों को empowered और self sufficient  बनाना है, ताकि वो अपने फैसले, खुद से कर सकें| लड़के भी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं क्योंकि बदलाव की ज़रूरत है सोच में, और वो सोच जेंडर नहीं देखती , वो किसी की भी हो सकती है | मैं स्कूलों में गई, बच्चों के साथ सेशन लिए और मैंने ये देखा की जब लड़के और लड़कियाँ एक साथ अलग- अलग मुद्दों पर बात करते हैं, उनपर चर्चा करते हैं तो उनका खुद का पर्सपेक्टिव बाहर निकल कर आता है, और दोनों एक दूसरे की बातों, परेशानियों और प्राथमिकताओं को समझते हैं | और, इस दौरान दोनों एक दूसरो की बातों की इज्ज़त करते हैं और असमानता जैसे शब्द और उसके एहसास को भी पीछे छोड़ आते हैं।

ये जो ट्रेनिंग सेशन होते हैं, ये सिर्फ पर्सनालिटी डेवलपमेंट(personality development) या कैपेसिटी बिल्डिंग (capacity building) तक ही सीमित नहीं रह्ते, बल्कि इसका दायरा काफी फैला हुआ है, बच्चे इनकी अपनी आम ज़िन्दगी में भी शामिल करते हैं  । कुछ हमें दिखाई देते हैं और कुछ वो बच्चे बाद में महसूस करते होंगे, क्योकि हमे नहीं पता कौन सी बात किसपे क्या सकरात्मक प्रभाव डालती है|

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बातचीत के दौरान युवाओं ( लड़कियाँ और लड़कों ) के ज़रूरी मुद्दों का पता चलता है, जैसे की राष्ट्र प्रतिभा विकाश स्कूल(नन्द नगरी) में सेशन के दौरान पता चला कि वहाँ के बच्चे बारवी के बाद क्या विषय लें इस मुद्दे पर चिंतित हैं क्योकि उन्हें कुछ ऐसी पढ़ाई करनी है जिसमें वो जल्द से जल्द नौकरी कर पाएं| स्कूल के बच्चे काफी प्रतिभाशाली हैं बस उन्हें लगता है कि सही करियर काउंसलिंग उनके लिए मार्गदर्शक  हो सकती है| इसी प्रकार उनकी चिंता का एक विषय सुरक्षित वातावरण भी है, वो भी सबके लिए जिसमे इंसान के साथ-साथ बाकी जीव भी आते हैं, climate change के मुद्दे पर वे काफी काम कर भी रहे है। लड़कियों ने अपनी सुरक्षा के मुद्दों की भी बात की, जैसे कि कैसे असुरक्षा उनके करियर में एक बाधा की तरह है।

बदलाव लगातार होता हैं, कुछ बदलाव बहुत प्रभावशाली होते हैं, वो हमारी अपनी ज़िन्दगी को तो बदलते ही है, साथ ही हमे हौसला देते है की हम समाज की कुरूतियो को भी बदल सके | बदलाव की पहली सीडी है बात – चित करना और दुसरो की बातों को समझना | सेशन के दौरान ये उम्मीद और जगती हैं, सब खुल के अपनी बात रखते हैं| 2020 में भारत दुनिया का सबसे यंगेस्ट (YOUNGEST) देश बनने जा रहा हैं ; तो ये बात एक उपलब्धि के तरह होगी जहाँ भारत की युवा पीढ़ी सवाल कर रही हैं, एक दुसरे के विचारो की इज्ज़त कर रही हैं और अपनी बात रख रही हैं |

इसके अलावा बच्चों ने ये ज़ाहिर किया कि आज क समय में, जहाँ बातें सुनने के ढेरो प्लेटफॉर्म  मौजूद हैं, वहा ऐसे सेशन बात करने और बातों को रखने का माध्यम बनते हैं। अपनी बात को बिना किसी डर और झिझक के सबके सामने रखना ही एक बड़ी उपलब्धि है, और बदलाव की तरफ एक और कदम है।

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सोशल मीडिया के इस दौर में जहाँ कुछ अलग कहना लोगों के लिए असहनीय  हो जाता है, वहाँ विचारों के लिए एक सुरक्षित माहौल देना एक जीत जैसा है| बच्चों से मिलकर, उन्हें कुछ बताकर, उनसे कुछ सीखकर पता चलता है कि सब कितना कुछ अलग और सही हो सकता है, जब हम सही समय पर सही मुद्दों पे बात करें और अपने से जुड़ी समस्याओं का हल निकालें, अपनी INDIVIDUALITY को समझे और अपने किसी भी प्रकार की IDENTITY ( धर्म, जाती, लिंग, रंग, राज्य, राष्ट्र आदि) के आधार पर कोई समझोता न करें।

अभी ये प्रोजेक्ट 300 (लड़के और लड़कियों ) के साथ हो रहा है। आगे और के साथ हो सकता है। अगर हमे सामाजिक कुरीतियों और खराब मानसिकता को बदलना है तो हमे युवाओं के साथ काम करना होगा और समाज की नींव को ही empowered  और self sufficient  बनाना होगा| हमे हर दिन इसकी पहल करनी होगी | PRIAऔर MFF द्वारा इस मुहीम की शुरुआत हो चुकी है, जिसके द्वारा हमे बच्चों में काफी छोटे छोटे पर महतवपूर्ण बदलाव देखने को मिले है| अभी इस प्रोजेक्ट को शुरू हुए बहुत कम समय हुआ हैं, पर मुझे व्यकतिगत तौर पर ये पूरी उम्मीद है की आगे आने वाले समय में कुछ बहुत ही नया और खुबसूरत देखने को मिलेगा|

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