मार्था फैरेल पुरस्कार: एक वार्षिक रिवाज़

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A still from Martha Farrell Award Ceremony 2018

लंबे इंतजार के बाद,चौथे मार्था फैरेल पुरस्कार के आयोजन होने की तैयारी चल रही है। ये पुरस्कार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को दिया जाता है। इस वार्षिक रिवाज़ की वज़ह को आपके साथ साझा करने का इससे अच्छा मौका और क्या हो सकता हैं?

मार्था फैरेल फाउंडेशन एक ऐसी संस्था है जो यौन उत्पीड़न और हर प्रकार के लैंगिक भेदभाव को हटाने के लिए पुरुष और महिलाओं की क्षमता निर्माण करती है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए MFF विभिन्न संस्थान और व्यक्तियों को हर साल सम्मानित करता है, ताकि वे इस क्षेत्र में अधिक बदलाव के लिए काम कर सके।

डॉ: मार्था फैरेल ने अपने जीवन काल में पीछे छूट रहे जेंडर को मुख्यधारा में लाने के लिए काम किया। ये पुरस्कार उनके इन्हीं आदर्शों पर आधारित है, ताकि सामाजिक विकास का एक पहलू जेंडर मुख्यधारा हो और ये शुरुआत खुद के समुदाय या संस्थानों से हो। MFA 2016 में लॉन्च किया गया और 2017 में इसका उद्घाटन हुआ। इसका मकसत था हर वर्ग के लोगों को सशक्त करना ताकि वे लीडर्स की तरह उभर कर सामने आएं और अपने समुदाय में बदलाव के लिए काम करें।

हर बार की तरह, हम अपने पार्टनर्स Participatory Research In Asia (PRIA) और Rural Development Trust (RDT) के साथ मिलकर इस साल भी ये पुरस्कार महिला सशक्तिकरण और लैंगिक बराबरी के लिए निरंतर कोशिश करने वालों को को देंगे। हर वर्ग के लोगों को सशक्त करते हैं ताकि वे लीडर्स की तरह उभर कर सामने आएं और अपने समुदाय में बदलाव के लिए काम करें।

मार्था फैरेल पुरस्कार की दो श्रेणियां हैं – पहली श्रेणी है “Most Promising Individual” जो कि व्यक्तिगत तौर पर सामाजिक बदलाव और महिला सशक्तिकरण के लिए तत्पर हों। भारत में सरकारी, बिज़नेस, इंडस्ट्री या गैर-सरकारी संस्थानों में काम करने वाले – सब ही इस अवार्ड के लिए अप्लाई कर सकते हैं। दूसरी श्रेणी है “Best Organization for Gender Equality“, जो कि वह संस्थाओं के लिए हैं जो अपने समुदाय में जेंडर संवेदनशील माहौल प्रदान कर रहे हैं।

भारत के हर कोने से इस पुरस्कार के लिए कैंडिडेट आए हैं। उन्होंने जेंडर और डेवेलपमेंट के तमाम मुद्दों पर काम किया हैं – जैसे कि मानव-तस्करी और बाल विवाह को रोकना, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पे महिलायों को सुरक्षित रखना, दलित महिलाओं को सशक्त करना, किशोरियों को साक्षर बनाना, महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना और सर्वाइवर को मनो-सामाजिक सहायता देना।MFA ने बीते वर्षों में बाल तस्करी जैसे सामाजिक अपराध को रोकने की लड़ाई को जारी रखने वालों को सम्मानित किया, साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के संगठन जो कि घरेलू हिंसा को महिलाओं के अधिकारों का हनन मानते हैं-उन्हें भी MFA ने सम्मानित करते हुए धनराशि दी।

हर साल की तरह इस साल भी हमारी ज्यूरी में प्रख्यात सदस्य शामिल हैं। वे विभिन्न क्षेत्र जैसे कि कला, साहित्य, विज्ञान, व्यापार और मीडिया से ताल्लुक रखते हैं और अपने विषय के एक्सपर्ट्स हैं। हमारी ज्यूरी में शामिल है- प्रख्यात पत्रकार और लेखिका नमिता भंडारे, थिएटर डायरेक्टर फैसल अलकाज़ी, KPMG – India की पार्टनर नंदिता त्रिपाठी, भारतीय विश्वविद्यालय संघ के महासचिव डॉ: पंकज मित्तल, गो स्पोर्ट्स फाउंडेशन की कार्यकारी निदेशक दीप्ति बोपया, और प्रख्यात समाज सेवक डॉ: राजेश टंडन (प्रिया के संस्थापक-अध्यक्ष) तथा मोंचो फेरर (प्रोग्राम निदेशक, RDT)।

इस पुरस्कार समारोह के ज़रिए कई समुदायों के लीडर्स और संस्थाए एक साथ आते हैं और अपने प्रयासों और उपलब्धियों को सबके साथ साझा करते हैं। हर वर्ष हम बेहद गर्व महसूस करते हैं कि हमें इतने व्यक्तियों और संस्थानों से मिलने का और बातचीत करने का मौका मिलता है। हम नए विचारों को सुनते हैं और सभी की आँखों में बदलाव को लाने की चमक देखते हैं। ये हमारा सौभाग्य है कि हम मार्था फैरेल पुरस्कार के ज़रिए लैंगिक बराबरी और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रहे हैं और समानता और शान्ति की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।

इस बार हम 10 अक्टूबर, 2020 को चौथे मार्था फैरेल अवार्ड्स के विजेताओं की घोषणा ऑनलाइन करेंगे। इस वर्चुअल अनुष्ठान में भाग लेने के लिए mfa@marthafarrellfoundation.org पे RSVP करें। अधिक जानकारी और नियमित अपडेट के लिए, ट्विटर पर फाउंडेशन को फॉलो करें।

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